दादा खेड़ा

” यो दादा सर्व भूतेषु , खागड़ रूपेण संसिथ्तनमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो: नमः ।। “ दादा खेड़े का हर जगह वास हैं , प्रायः गांव में खागड़ / बूढ़े खागड़ में दादा खेड़े का वास बताया गया हैं । देखा भी गया हैं कि एक बूढ़ा बैल हर रोज गांव के लगभग हर घर सेContinue reading “दादा खेड़ा”

आरती दादा खेड़ा जी महाराज की

तेरी शरण खड़े दादा ध्वजाधारी हम तेरी शरण खड़े दादाध्वजाधारी … 2इस भूमि पर राजा बन कर यज्ञ हुए थे बेशुमार …बौना बनकर दर्शन दे दिए हुई भगत की जय जयकार ।उसी पावन भूमि के ऊपर हो …ध्वजा फर्राटे ठारी …ओ तेरी शरण खड़े दादा ध्वजाधारी …2जब भी किसी शत्रु ने तेरे दर पर करीContinue reading “आरती दादा खेड़ा जी महाराज की”

राजा बलि ओर गाँव बल्ला का इतिहास

महाराजा बलि सप्तचिरजीवियों में से एक, पुराणप्रसिद्ध विष्णुभक्त, दानवीर, महान्‌ योद्धा, थे । दैत्यराज बलि जिसकी राजधानी महाबलिपुर थी। महाराजा बलि ने अपना 100वां यज्ञ कहाँ किया महाराजा बलि ने तीनों लोकों पर विजय प्राप्त कर ली थी । वे अपने जीवन काल का 100वां अखण्ड यज्ञ कर रहे थे । यज्ञ के दौरान वामन रूपी विष्णुContinue reading “राजा बलि ओर गाँव बल्ला का इतिहास”

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